बेटिंग आईडी

बेटिंग आईडी

time:2021-10-27 15:27:23 ओला-ऊबर नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया, सरकार ने जारी कीं नई गाइलाइंस Views:4591

विश्व कप फ़ुटबॉल स्कोर की गणना कैसे करें बेटिंग आईडी 188bet सत्यापन,fun88 कंपनी की जानकारी,lovebet ३ बॉल्स,lovebet जी संपर्क,lovebet की दुकान,lovebetर्स ओ,बैकारेट 6 पीस चाकू सेट,Baccarat बड़ा पैसा खो देता है,बेस्ट फाइव लेयर मास्क,ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए बोर्ड गेम,कैसीनो डकैती,शतरंज 24 लाइव,क्रिकेट 90 खेल,क्रिकेट अंडर-19 विश्व कप विजेता,निर्यात कतर,फुटबॉल 8 स्थिति,औपचारिक सट्टेबाज,हैंडीकैप 1 (0) लवबेट,उच्च जीत दर के साथ सिक बो कैसे खेलें,क्या ऑनलाइन लॉटरी सट्टा सुरक्षित है?,k लॉटरी परिणाम,लाइव कैसीनो प्ले,लॉटरी गा,लूडो कीमत,ऑनलाइन बैकरेट कैसीनो,ऑनलाइन गेम जियो मोबाइल,ऑनलाइन स्लॉट कनाडा reddit,लाइव बैकरेट ऑनलाइन खेलें,रेक पोकर,रूले फुटबॉल कौशल,रम्मी 50 रुपये मुफ्त,रम्मीकल्चर ऑनलाइन गेम्स,स्लॉट ५० मुक्त स्पिन,खेल मुझे पसंद हैं,टी स्लॉट बनाम 80/20,शतरंज का घर,वी लॉटरी परिणाम,कौन सा ऑनलाइन कैश गेम हैबेहतर,chess मराठी माहिती,ऑनलाइन लॉटरी सट्टेबाजी,क्रिकेट झज्जर,घद sports,तीन स्कोर रेसिंग,बरसात और चाय शायरी,यूपी लॉटरी,स्टेटस खोलो, .ओला-ऊबर नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया, सरकार ने जारी कीं नई गाइलाइंस

ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियां सबसे पीक आवर्स के दौरान किराये में कई गुना बढ़ोतरी कर देती हैं. अब सरकार ने इन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है.
ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियां सबसे अहम समय यानी पीक आवर्स के दौरान किराये में कई गुना बढ़ोतरी कर देती हैं. लेकिन अब सरकार ने इन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है.

सरकार ने शुक्रवार को ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के ऊपर मांग बढ़ने पर किराए बढ़ाने की एक सीमा लगा दी है. अब ये कंपनियां मूल किराए के डेढ़ गुने से अधिक किराया नहीं वसूल सकेंगी.

दरअसल सरकार का यह कदम अहम इसलिए भी हो जाता है, क्योंकि लोग कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों के अधिकतम किराए पर लगाम लगाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे. यह पहली बार है जब भारत में ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स को रेग्यूलेट करने के लिए सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं.

कार पूल करने वाले कमर्शियल प्लेटफॉर्म्स को भी नियमों का पालन करना होगा और इस लाइसेंस हालिस करना होगा. हालांकि, नए नियम तभी लागू होंगे, जब राज्य सरकारें उनसे जुड़ी अधिसूचना जारी करेंगे.

इसे भी पढ़ें: वैक्सीन का जायजा लेने पीएम मोदी पहुंचे अहमदाबाद, पुणे व हैदराबाद भी जाएंगे

कैब कंपनियों को डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करना होगा कि डेटा भारतीय सर्वर में न्यूनतम तीन महीने और अधिकतम चार महीने उस तारीख से संग्रहीत किया जाए, जिस दिन डेटा जेनरेट किया गया था.

डेटा को भारत सरकार के कानून के अनुसार सुलभ बनाना होगा लेकिन ग्राहकों के डेटा को यूजर्स की सहमति के बिना शेयर नहीं किया जाएगा. कैब एग्रीगेटर्स को एक 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित करना होगा और सभी ड्राइवरों को अनिवार्य रूप से हर समय कंट्रोल रूम से जुड़ा होना होग.

नए नियमों के मुताबिक, कैब कंपनी को बेस फेयर से 50 फीसदी कम चार्ज करने की अनुमति होगी. केंद्र सरकार ने एग्रीगेटर को रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइन्स जारी किया है जिसका राज्य सरकारों को भी पालन करना अनिवार्य होगा.

वहीं, कैंसिलेशन फीस कुल किराए का दस प्रतिशत होगा, जो राइडर और ड्राइवर दोनों के लिए 100 रुपए से अधिक नहीं हो सकता. ड्राइवर को अब ड्राइव करने पर 80 फीसदी किराया मिलेगा, जबकि कंपनी को 20 प्रतिशत किराया ही मिल सकेगा.

मंत्रालय ने बयान में कहा है कि इससे पहले एग्रीगेटर का रेगुलेशन उपलब्ध नहीं था। अब इस नियम को ग्राहकों की सुरक्षा और ड्राइवर के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिसे सभी राज्यों में लागू किया जाएगा. बता दें कि मोटर व्हीकल 1988 को मोटर व्हीकल एक्ट, 2019 से संशोधित किया गया है.



हिंदी में पर्सनल फाइनेंस और शेयर बाजार के नियमित अपडेट्स के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज. इस पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.

टॉपिक

केंद्र सरकारमोटर व्हीकल एक्टराज्य सरकारकैब एग्रीगेटर्सटैक्सीओलाकैब कंपनियांउबर

ETPrime stories of the day

Partying the Nolo way: New-age brands are offering choices beyond Pepsi and Coca-Cola
FMCG

Partying the Nolo way: New-age brands are offering choices beyond Pepsi and Coca-Cola

10 mins read
As airlines inch back to normalcy, vacant middle seats are a cause of worry
Recent hit

As airlines inch back to normalcy, vacant middle seats are a cause of worry

11 mins read
Skill or chance? The USD7 billion question that can make or break India’s online gaming industry.
Policy and regulations

Skill or chance? The USD7 billion question that can make or break India’s online gaming industry.

12 mins read

युवा खासतौर से डायमंड ज्‍वेलरी खरीदने में दिलचस्‍पी लेते हैं. 10,000-20,000 रुपये की रेंज में लो प्राइस डायमंड ज्‍वेलरी के खासतौर से अच्‍छा करने की उम्‍मीद है.हम सीनियर सिटीजन के लिए निवेश के पांच ऐसे विकल्प बता रहे हैं जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर अच्छी नियमित आय आती रहे.सिप टॉप-अप फैसिलिटी के बारे में यहां जानिए अपने हर सवाल का जवाब

पहले ही कार बनाने वाली कई कंपनियां अपने-अपने मॉडलों के दाम बढ़ाने का एलान कर चुकी हैं. ये जनवरी से गाड़‍ियों के दाम बढ़ाएंगी. इन कंपनियों में मारुति सुजुकी, फोर्ड, महिंद्रा एंड महिंद्रा और रेनॉ शामिल हैं.कीमतों में यह बढ़ोतरी विभिन्‍न मॉडलों में अलग-अलग होगी. यह वास्‍तव में कितनी होगी, इस बारे में जल्‍द ही डीलरों को बताया जाएगा.इंटरनेशनल फंड के बारे में जानिए अपने हर सवाल का जवाब

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा कि वह व्हॉट्सएप पर एक नया शॉपिंग बटन पेश कर रही है जिससे लोगों को बिजनेस कैटलॉग खोजने में आसानी होगी.वित्तीय लक्ष्‍यों तक जल्दी पहुंचने के लिए इक्विटी या डेट फंड में से किसमें निवेश करें?

पूरा पाठ विस्तारित करें
संबंधित लेख
रम्मीकल्चर रेफरल

प्राइम इंवेस्टर ने निवेशकों को फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की सभी स्कीमों से निकासी करने की सलाह दी है. प्राइम इंवेस्टर चेन्नई की एक स्वतंत्र रिसर्च फर्म है.

लाइव डीलर ब्लैकजैक ऐप

युवा खासतौर से डायमंड ज्‍वेलरी खरीदने में दिलचस्‍पी लेते हैं. 10,000-20,000 रुपये की रेंज में लो प्राइस डायमंड ज्‍वेलरी के खासतौर से अच्‍छा करने की उम्‍मीद है.

n लॉटरी नंबर

सक्रिय रूप से मैनेज किए जाने वाले लार्ज कैप म्‍यूचुअल फंड के तौर-तरीकों का पिछले कुछ सालों में सभी को पता लग गया है. कुछ को छोड़ ज्यादातर स्कीमों ने प्रमुख सूचकांकों से कमतर प्रदर्शन किया है.

पोकर बसादी

वित्त वर्ष 2020-21 में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 41 फीसदी बढ़कर 31.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचई गई.

खेल तस्वीरें

निवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.

संबंधित जानकारी
गरम जानकारी