यूईएफए चैंपियंस लीग स्टैंडिंग

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time:2021-10-20 06:26:33 डॉ रेड्डीज लैब के शेयरों में क्‍यों निवेश की सलाह दे रहे हैं विश्लेषक? Views:4591

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42 में से 36 विश्लेषक इस शेयर में खरीद की सलाह दे रहे हैं. वहीं, 5 ने इसे होल्‍ड करने की राय दी है.
डॉ रेड्डीज लैब (डीआरएल) ने वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में ठीक ठाक नतीजे दर्ज किए हैं. सालाना आधार पर इसके कुल रेवेन्‍यू में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है. इस दौरान घरेलू रेवेन्‍यू में 26 फीसदी, अमेरिकी रेवेन्‍यू में 9 फीसदी और यूरोपीय रेवेन्‍यू में 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, ये आंकड़े बाजार की उम्मीदों से कम थे. हाल में इस शेयर की कीमतों में गिरावट आने का यही कारण था. विश्लेषक कहते हैं कि कीमत में यह कमी इस शेयर में एंट्री का मौका देती है.

छोटी अवधि में ऐसी कई बातें हैं जो डॉ रेड्डीज के शेयरों को बल दे सकती हैं. इसके चलते भी विश्लेषकों की इस शेयर में दिलचस्पी बढ़ी है. कंपनी ने रूस की कोविड वैक्सीन स्पुतनिक का लाइसेंस प्राप्त किया है. यह मंजूरी का इंतजार कर रही है. नियामक संबंधी प्रकिया पूरी होने में समय लगता है. लेकिन, विश्लेषकों को इसके सकारात्मक नतीजे मिलने की उम्‍मीद है. कारण है कि इसी टेक्नोलॉजी पर आधारित दूसरी वैक्‍सीनों ने क्‍लीनिकल टेस्‍ट में अच्‍छे नतीजे दिखाए हैं.

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एक बार मंजूरी मिलने के बाद कंपनी की योजना भारत के साथ अन्‍य देशों में इसकी मार्केटिंग करने की है. यह काम सरकार और प्राइवेट वैक्‍सीन प्रोग्राम के तहत किया जाएगा. रूस और कॉमनवेल्थ देशों में बाजार के समीकरण भारत जैसे हैं. यहां ब्रांडेड और ओटीसी दवाओं पर फोकस बढ़ा है. इस दिशा में पहले कदम बढ़ा देने से डॉ रेड्डीज को पहले ही फायदा मिला है. स्पुतनिक के निर्यात से कंपनी को और फायदा हो सकता है.

अमेरिकी बाजार में कंपनी कई प्रोडक्‍ट लॉन्‍च करने वाली है. छोटी अवधि में यह भी इसके शेयरों में हवा देगा. डॉ रेड्डीज लैब के कुल मार्केट में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 37 फीसदी है.

डीआरएल की प्रोडक्‍ट पाइपलाइन काफी मजबूत है. नए लॉन्‍च होने वाले ज्यादातर प्रोडक्‍ट जटिल और खास प्रोडक्‍ट सेगमेंट के हैं. डॉ रेड्डीज लैब ने अमेरिका में अक्टूबर 2020 में कुवान का जेनरिक वर्जन लॉन्‍च किया था. यह इसका पाउडर वर्जन जल्‍द लॉन्‍च करने वाली है. चूंकि, पाउडर वर्जन की मार्केट हिस्सेदारी 70 फीसदी है. लिहाजा, आने वाली तिमाहियों में डीआरएल को इस प्रोडक्‍ट से ज्यादा रेवेन्यू पाने में मदद मिल सकती है.

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एपीआई की किल्लत के चलते विलंब के बावजूद डीआरएल अपनी जेनेरिक दवा वासेपा को जल्‍द लॉन्‍च करने के लिए प्रतिबद्ध है. 2021-22 के दौरान वह धीरे-धीरे इसका उत्पादन बढ़ाएगी.

अपने साथ की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले डॉ रेड्डीज लैब का वैल्यूएशन कम है. साथ ही बैलेंसशीट भी मजबूत है. कुछ दवाओं को लेकर इसका दबदबा रहा है. यह फ्री कैश फ्लो (एफसीएफ) भी जनरेट कर रही है. 42 में से 36 विश्लेषक इस शेयर में खरीद की सलाह दे रहे हैं. वहीं, 5 ने इसे होल्‍ड करने की राय दी है. 1 का कहना है कि इसे बेचना चाहिए.

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